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संघ शिक्षा वर्ग से शिक्षार्थियों को प्राप्त होता है जीवन उद्देश्य : प्रेम शंकर सिदार

संघ का संघ शिक्षा
वर्ग सामान्य 19 मई से प्रारम्भ

संघ के प्रशिक्षण वर्ग से शिक्षार्थियों को जीवन का उद्देश्य प्राप्त होता है। संघ कार्य करने हेतु भक्ति, सेवा, समर्पण चाहिए और यह सब भारत माता की सेवा और मानव कल्याण के लिए ही है। जिस संगठन, समाज और देश के लोगों में अनुशासन और समय पालन का भाव होता है , उसे आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता। इसलिए संघ प्रशिक्षण वर्ग में अनुशासन और समय पालन का विशेष महत्व है। ये उद्गार हैं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मध्य क्षेत्र के सह क्षेत्र प्रचारक प्रेम शंकर के जो उन्होंने संघ शिक्षा वर्ग के उद्घाटन सत्र में कहे।

ध्यातव्य है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का पन्द्रह दिवसीय संघ शिक्षा वर्ग (सामान्य) का 19 मई से 3 जून तक एम एम इंटरनेशनल स्कूल बाय पास रोड जबलपुर में होने जा रहा है। इसके उद्घाटन सत्र में सर्वाधिकारी अनिल गुप्ता, वर्ग कार्यवाह विनोद जायसवाल, वर्ग पालक राजेश शर्मा एवं प्रान्त प्रचारक बृजकान्त उपस्थित रहे।
इस वर्ग में शिक्षार्थी पूर्ण मनोयोग से एकाग्र होकर प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। इस वर्ग में 15 वर्ष से 40 वर्ष आयु के महाकौशल प्रान्त के 34 जिलों से 685 शिक्षार्थी प्रशिक्षण में भाग ले रहे है। इनमें विद्यालय एवं महाविद्यालय के विद्यार्थियों के अतिरिक्त व्यवसायी, कर्मचारी, डॉक्टर, इंजिनियर, शिक्षक, अधिवक्ता एवं कृषक प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।

प्रशिक्षण राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अभिनव पद्धति का एक अंग है। जिसमें प्रशिक्षणार्थियों की दिनचर्या प्रात: 4 बजे जागरण से प्रारंभ होकर रात्रि 10 बजे तक रहती है। शिक्षार्थियों को संघ स्थान में आत्मरक्षार्थ एवं शारीरिक पुष्टता की दृष्टि से दंड, नियुद्ध, पदविन्यास, योग, खेल खिलाये जाते है। तत्पश्चात शिक्षार्थियों को श्रम साधना एवं सेवा कार्यों का भी प्रशिक्षण दिया जाता है। इस दौरान सामाजिक जीवन के विभिन्न विषयों पर शिक्षार्थियों से चर्चा की जाती है। इन सब गतिविधियों के माध्यम से देशभक्त कार्यकर्ता का निर्माण हो । विषय की स्पष्टता श्रेष्ठ वक्ताओं द्वारा राष्ट्र एवं समाज जीवन से जुड़े विषयों का प्रतिपादन किया जाता है। 3 जून सोमवार को संघ शिक्षा वर्ग का प्रातः काल समापन होगा।