– प्रशांत पोळ 1991 में लोकसभा के मध्यावधि चुनाव हुए। चुनाव के बीच में ही राजीव गांधी की हत्या हुई। चुनाव के बाद कांग्रेस सबसे […]
Author: Prashant Pol
हम अवसर चूक गए…
अंग्रेज जब देश छोड़कर गए, तब भारत की आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं थी, क्योंकि हम गुलाम राष्ट्र थे। स्वाभाविक रूप से अंग्रेजों ने हमारा […]
संघ यात्रा के नए क्षितिज..!
26, 27 और 28 अगस्त को, दिल्ली के विज्ञान भवन में ‘100 वर्ष की संघ यात्रा – नए क्षितिज’ शीर्षक से व्याख्यानमाला संपन्न हुई। यह […]
अंग्रेजों का ‘न्यायपूर्ण’ शासन..?/२
१८५७ के क्रांति युध्द में अंग्रेजों की निर्दयता – एक ब्रिटिश आर्मी ऑफिसर ने ‘द टाइम्स’ में लिखा, “We have the power of life and […]
अंग्रेजों का ‘न्यायपूर्ण’ शासन’..? / १
ज्ञात इतिहास में भारत पर आक्रांताओं के रूप में आने वालों में शक, हूण, कुषाण, मुसलमान, डच, पोर्तुगीज, फ्रेंच, अंग्रेज़ आदि प्रमुख हैं. इन में […]
