संघ यात्रा के नए क्षितिज..!

26, 27 और 28 अगस्त को, दिल्ली के विज्ञान भवन में ‘100 वर्ष की संघ यात्रा – नए क्षितिज’ शीर्षक से व्याख्यानमाला संपन्न हुई। यह […]

संघ का त्रिदिवसीय व्याख्यान – सहमतियों के बिंदुओं की खोज

“परित्राणाय साधूनां विनाशाय च दुष्कृताम्, धर्मसंस्थापनार्थाय संभवामि युगे युगे” अब ऐसा तो हो नहीं सकता न! कि, कलियुग में भी श्रीकृष्ण पुनि-पुनि जन्मते ही रहें। […]

“स्वाधीनता संग्राम में आध्यात्मिक ऊर्जा और सामाजिक समरसता के शिरोमणि बने श्रीगणेश”

“ॐ गं गणपतये नम:” सत्य सनातन धर्म में भगवान् श्रीगणेश का आध्यात्मिक, पौराणिक, ऐतिहासिक और वैज्ञानिक महत्व अद्भुत एवं अद्वितीय है। सनातन धर्म में मांगलिक […]

“स्वदेश के लिए सर्वस्व अर्पित : उपेक्षित स्वयंसेवक महारथी राजगुरु”

17 दिसंबर 1928 को महारथी राजगुरु ने, पंजाब केसरी लाला लाजपत राय के हत्यारे, जे. पी. सांडर्स पर पहला फायर खोल दिया। उसके उपरांत सरदार […]

श्री एकनाथ रानाडे : संगठन, संकल्प और सेवा का पर्याय

श्री एकनाथ रानाडे का जन्म 19 नवम्बर, 1914 को महाराष्ट्र के अमरावती जिले के टिमटाला गाँव में हुआ। उनके पिता श्री रामकृष्णराव विनायक रानाडे रेलवे […]

कृतज्ञ किसानों का महापर्व – पोला

“आत्मवत् सर्वभूतेषु”, “वसुधैव कुटुम्बकम्” और “माता भूमि पुत्रोऽहम पृथिव्याः” जैसे उच्च आदर्शों से अनुप्राणित भारतीय संस्कृति ने न केवल मानव मूल्यों का सम्मान किया है, […]