जबलपुर में धार्मिक श्रेणी की प्रमुख जनगोष्ठी संपन्न जबलपुर। धार्मिक श्रेणी के अंतर्गत आयोजित प्रमुख जनगोष्ठी में प्रबुद्धजनों ने सनातन संस्कृति और भारतीय परंपरा के […]
सेवा और संस्कार से सशक्त राष्ट्र निर्माण का मार्ग : स्वप्निल कुलकर्णी
मंडला में संघ की प्रमुख जनगोष्ठी संपन्न, राष्ट्र निर्माण पर हुआ मंथन मंडला। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में मंडला […]
जब इतिहास अधूरा होता है, तो समाज भी अधूरा रह जाता है
आज कक्षा में साधारण सा दिन था लेकिन इतिहास के शिक्षक के प्रश्नों ने उसे असाधारण बना दिया। शिक्षक ने पूछा अकबर के पिता कौन […]
संघ का उद्देश्य समाज में एकात्मता स्थापित करना: सुरेश सोनी
जबलपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जबलपुर महानगर के तत्वावधान में साहित्यकार एवं इतिहासकार श्रेणी की प्रमुख जन गोष्ठी तथा ‘संघिका’ पुस्तक के प्रथम भाग का विमोचन […]
विज्ञान, ज्ञान-प्रणाली एवं सभ्यतागत नेतृत्व
स्टैनफोर्ड में दत्तात्रेय जी का व्याख्यान केलिफोर्निया की तीन स्थानीय कहावतें और वहाँ के तीन प्रमुख नगर, इनसे हम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय […]
संघ का शताब्दी संकल्प: समाज शक्ति का जागरण – जे. नंदकुमार
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में समाज की सजग शक्ति को साथ लेकर संगठित, समर्थ एवं समृद्ध भारत के निर्माण का संकल्प […]
“भारतीय परिवारों में बढ़ती खामोशी: सच, भ्रम और समाधान”
भारतीय समाज सदियों से परिवार-आधारित सभ्यता के रूप में पहचाना जाता रहा है। संयुक्त परिवार, कुटुम्ब व्यवस्था, धार्मिक-सांस्कृतिक मूल्य और पारिवारिक दायित्व—ये सब हमारे रिश्तों […]
गौ सेवा का अद्भुत उदाहरण: 1000 निराश्रित गौवंश के लिए वर्षभर का आहार तैयार
नरसिंहपुर। सेवा, समर्पण और संकल्प का प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत करते हुए ग्राम डांगीढाना की त्रिनेत्री सेवा समिति ने एक अनूठी उपलब्धि हासिल की है। समिति […]
बिंदु से विराट तक : आदि गुरु शंकराचार्य
शुक्ल यजुर्वेद के अनुसार, “त्रिपादूर्ध्व उदैत्पुरुष:पादोSस्येहाभवत्पुनः” अर्थात् भक्तों के विश्वास को सुदृढ़ करने हेतु भगवान् अपने चतुर्थांश से अवतार ग्रहण करते हैं। शिव अंशावतार आदि […]
“जॉनी जॉनी यस पापा बनाम बड़ी भली है अम्मा मेरी
“औपनिवेशक मानसिकता किस कदर हावी है -कविता के बहाने वक्रोक्ति/व्यंग्योक्ति” कविताओं का जीवन, व्यक्तित्व और संस्कृति निर्माण में महती योगदान होता है, परन्तु क्या कविताओं […]
