भारत का राष्ट्र-चेतना-विमर्श केवल राजनीतिक संघर्ष की कहानी नहीं; यह समाज की आत्मा, संस्कृति और संगठन को पुनर्जीवित करने की एक सदी-लंबी प्रक्रिया है। इस […]
धरती भी नहीं, मिट्टी भी नहीं — फिर कैसे उगाया जा रहा गायों के लिए हरा चारा?
सागर जिले में एक ऐसा अभिनव प्रयास सामने आया है, जिसने भीषण गर्मी में पशुओं के चारे की समस्या का नया समाधान खोज निकाला है। […]
मुस्लिम लीग, केरलम और बहुत कुछ…
1947 मे भारत के विभाजन के जो अनेक कारक (factors) रहे, उनमे मुस्लिम लीग प्रमुख हैं। मुस्लिम लीग ने ही अलग मुस्लिम राष्ट्र की मांग […]
सागर के आशीष शुक्ला का दोहरा संकल्प—विदेश में नेतृत्व, अयोध्या में गुरुकुल
सागर। डॉ. हरिसिंह गौर की नगरी सागर के एक और सपूत ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान स्थापित कर नगर और महाकौशल का गौरव बढ़ाया […]
बेटियों के अधिकार की प्रहरी बनीं ज्योति तिवारी
सागर। बुंदेलखंड क्षेत्र में बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति आज भी अनेक ग्रामीण क्षेत्रों में विद्यमान है। कई परिवार पुत्री को बोझ मानकर अथवा सामाजिक […]
संगठित समाज ही समर्थ राष्ट्र की पहचान : अनिल चंद्रवंशी
छिंदवाड़ा में संघ शिक्षा वर्ग सामान्य (व्यवसायी) का शुभारंभ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ महाकौशल प्रांत द्वारा छिंदवाड़ा स्थित श्री माताजी निर्मला देवी सहजयोग ट्रस्ट, लिंगा में […]
उच्च न्यायालय ने भी माना — जैन समाज हिंदू धर्म की शाखा
भोजशाला विवाद में मप्र हाईकोर्ट का ऐतिहासिक निर्णय — हिंदू विवाह एवं उत्तराधिकार अधिनियम का दिया हवाला, कहा: जैन और हिंदू सनातन काल से एक […]
त्याग से निकला नेतृत्व, सेवा से बना राष्ट्र
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का शताब्दी वर्ष केवल उत्सव नहीं, भारत की आत्मा और नेतृत्व-दर्शन को समझने का ऐतिहासिक अवसर सत्ता से नहीं, संस्कार से बनता […]
“विजय का पर्व”- भोजशाला सत्य–प्रतिष्ठा का ऐतिहासिक क्षण
अतीत की ध्वनियाँ, पुरातात्विक साक्ष्य और न्याय की दिशा में निर्णायक कदम 2. स्थापत्य — जहाँ पत्थर स्वयं बोलते हैंभोजशाला परिसर की नींव, स्तंभ, उत्कीर्णन […]
“वैदिक काल” : इतिहास नहीं, औपनिवेशिक षड्यंत्र
भारतीय सभ्यता को समझने की सबसे बड़ी समस्या यह है कि भारत को भारत की दृष्टि से नहीं देखा गया। उसे यूरोप और आब्राह्मिक मानसिकता […]
