जिस उम्र में बच्चे वीडियो गेम खेलते हैं, अपने करियर की बातें करते हैं और जीवन में रोमांटिक हो जाते हैं। उस उम्र में दो […]
छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक: कवच सुरक्षा और संस्कृति के संरक्षण का
छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026 बहुप्रतीक्षित छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026 का उद्देश्य बल, प्रलोभन, धोखाधड़ी या गलत जानकारी देकर कराए जाने वाले धर्मांतरण पर […]
‘‘जनगणना से परिसीमन तकः नारी शक्ति वंदन के साथ जनजातीय प्रतिनिधित्व की नई दिशा‘‘
भारत में लोकतंत्र केवल चुनावों की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह प्रतिनिधित्व की गुणवत्ता का भी प्रश्न जब हम जनजातीय समान-डॉ. दीपमाला रावत विशेषकर जनजातीय […]
जागृत समाज ही बदलाव की असली ताकत: मनोज पाण्डेय
पी.एम. एक्सीलेंस कॉलेज में शिक्षा श्रेणी की प्रमुख जन गोष्ठी संपन्न सिंगरौली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के निमित्त चल रहे कार्यक्रमों के अंतर्गत […]
एकता, संस्कार और आत्मनिर्भरता का मार्ग: भैया जी जोशी
चित्रकूट : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल के सदस्य सुरेश जोशी उपाख्य भैया जी जोशी ने चित्रकूट में आयोजित प्रबुद्ध जन गोष्ठी में […]
हिंदू धर्म की परंपराएं और रीति-रिवाज वैज्ञानिक आधार पर निर्मित : उत्तम बनर्जी
शहडोल । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के निमित्त चल रहे विविध कार्यक्रमों के अंतर्गत नगर में प्रमुख जन गोष्ठी का आयोजन किया गया। […]
सज्जन वृद्धि के लोग आगे आकर समाज परिवर्तन में करें सहयोग: पूर्णेन्दु सक्सेना
दमोह। संघ के शताब्दी वर्ष पर आयोजित हो रहे कार्यक्रमों की श्रृंखला में नगर के पीजी कॉलेज ऑडिटोरियम में प्रमुख जन गोष्ठी का आयोजन किया […]
लोककल्याण से टीआरपी तक: पत्रकारिता का देव ऋषि नारद से विचलन
सूचना के विस्फोट के इस दौर में पत्रकारिता पहले से कहीं अधिक शक्तिशाली और प्रभावशाली माध्यम बन चुकी है। स्मार्टफोन की स्क्रीन पर उभरती एक […]
राष्ट्र निर्माण में संगठन, संस्कार और समाज की भूमिका : सुरेश सोनी
जबलपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी, अभिकल्पन एवं विनिर्माण संस्थान जबलपुर में राष्ट्रीय उच्च शिक्षण संस्थान श्रेणी की […]
टूटते परिवार, बढ़ता बाज़ार: कुटुंब प्रबोधन की अनिवार्यता
भारत का इतिहास केवल राजाओं और युद्धों का इतिहास नहीं है , यह समाज और संस्कृति की निरंतरता का इतिहास है। मुगल आए, अंग्रेज़ आए, […]
