शहडोल । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के निमित्त चल रहे विविध कार्यक्रमों के अंतर्गत नगर में प्रमुख जन गोष्ठी का आयोजन किया गया। जो कि स्वामी विवेकानन्द सभागार बुढ़ार में संपन्न हुई।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में प्रान्त कार्यवाह श्रीमान उत्तम बनर्जी रहे। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म की परंपराएं और रीति-रिवाज वैज्ञानिक आधार पर निर्मित हैं, जिनका पालन समाज को सुदृढ़ और संतुलित बनाता है। उन्होंने स्वदेशी जीवनशैली पर बल देते हुए कहा कि हमारी वेशभूषा, भजन, भोजन और भ्रमण सभी में स्वदेशी भाव का समावेश होना चाहिए।
उन्होंने “पंच परिवर्तन” को जीवन में उतारने का आह्वान करते हुए समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की आवश्यकता पर जोर दिया। विशेष रूप से मातृशक्ति को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि महिलाएं न केवल अपने परिवार, बल्कि दो परिवारों को सुसंस्कृत, संगठित और आदर्श बनाने की क्षमता रखती हैं, इसलिए उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में मातृशक्ति, अधिवक्ता, कर्मचारी, व्यवसायी, पूर्व सैनिक, सेवानिवृत्त कर्मचारी, पत्रकार, खिलाड़ी, कलाकार, चिकित्सक, कृषक आदि श्रेणी के लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत “वंदे मातरम्” के सामूहिक गायन के साथ हुआ ।
