भारत के स्वतंत्र होने के बाद जब नई सुबह का उदय हुआ, तब सबसे बड़ी चुनौती थी – देश की 562 रियासतों को एक ध्वज, […]
Month: September 2025
ब्रम्हांड के प्रथम अभियंता और वास्तुकार भगवान् विश्वकर्मा
सनातन धर्म शास्त्रों में भगवान् विश्वकर्मा के पाँच अवतार वर्णित हैं। ब्रह्मा के पुत्र अंगीरा ऋषि की सुपुत्री भुवना ब्रम्हवादिनी के सुपुत्र भगवान् विश्वकर्मा के […]
बाघा जतिन की हिन्दू -जर्मन योजना सफल होती,तो भारत 30 वर्ष पहले स्वतंत्र होता
डॉ आनंद सिंह राणा भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दुर्दम्य महारथी जतिन बाघा सदैव कहते थे कि “आमरा मोरबो,जगत जागबे”-जब हम मरेंगे,तभी देश जागेगा।भारतीय स्वतंत्रता संग्राम […]
विश्व मंच पर भारत की गूंज : स्वामी विवेकानंद का शिकागो भाषण
– एड. पूजा रजक पश्चिमी जगत के विद्वानों, धर्माचार्यों और चिंतकों से भरे उस विशाल सभागार में सभी की दृष्टि एक साधारण वेशभूषा वाले, किंतु […]
इतिहास से भी पूर्व, भारत का शाश्वत अस्तित्व – डॉ. मोहन भागवत जी
नागपुर, १० सितम्बर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि देवभक्ति और देशभक्ति, यह दो शब्द भले ही अलग दिखते […]
मोहन भागवत जी हमेशा से ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के प्रबल समर्थक रहे हैं : पीएम मोदी
आज 11 सितंबर है। यह दिन अलग-अलग स्मृतियों से जुड़ा है। एक स्मृति 1893 की है, जब स्वामी विवेकानंद ने शिकागो में विश्वबंधुत्व का संदेश […]
