नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर समर्थन की अपील
“यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक निर्णय है। इस कानून के लागू होने से संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण मिलेगा। यह निर्णय भारत में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने और उन्हें मजबूत बनाने में मदद करेगा।”
नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण बिल) महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। श्री नरेंद्र मोदी जी ने बताया कि इस अधिनियम के तहत संसद एवं राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण मिलेगा, जिससे उनकी भागीदारी और निर्णय लेने की शक्ति बढ़ेगी।
रश्मि राय सहित संस्थापक व निदेशक श्री महाकाल सेवा समिति और राय कोचिंग क्लास ने इस अधिनियम का स्वागत करते हुए सभी से समर्थन मांगा है। उनका कहना है कि यह कदम महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक निर्णय है। इस कानून के लागू होने से संसद और राज्य विधानसभाओं मे महिलाओं को 33% आरक्षण मिलेगा। यह निर्णय भारत में महिलाओं को राजनैतिक भागीदारी बढ़ाने और उन्हे मजबूत बनाने मे मदद करेगा
महत्वपूर्ण जानकारी
• 16, 17 और 18 अप्रैल 2026 को संसद का विशेष सत्र इस विषय में महत्वपूर्ण बताया गया है।
• जनता से अपील की गई है कि वे अधिक से अधिक लोगों तक यह संदेश पहुंचाएं और समर्थन दें।
• समर्थन के लिए एक नंबर (9667173333) जारी किया गया है, जिस पर मिस्ड कॉल देने को कहा गया है।
• महिलाओं को क्या लाभ होगा
• महिलाओं को निर्णय लेने की प्रक्रिया में बराबरी का स्थान देना
• देश के लोकतंत्र को और मजबूत बनाना
• “विकसित भारत” के लक्ष्य में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना
• कुल मिलाकर, यह संदेश महिलाओं के अधिकार, सम्मान और राजनीतिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए एक अभियान है
क्या है यह अधिनियम?
• प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 भारत का एक ऐतिहासिक कानून है
• जिसके तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण दिया जाएगा
• यह महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने के लिए लाया गया है
मुख्य प्रावधान
• कुल सीटों में से एक-तिहाई (33%) सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी
• यह आरक्षण SC/ST सीटों पर भी लागू होगा
• सीटों का आरक्षण रोटेशन (घूम-घूम कर) होगा
• यह कानून परिसीमन (Delimitation) के बाद लागू होगा
श्री नरेंद्र मोदी जी का उद्देश्य
• महिलाओं को निर्णय लेने की शक्ति देना
• राजनीति में समान प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना
• समाज में महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना
श्री नरेंद्र मोदी जी के अनुसार
• अभी संसद में महिलाओं की संख्या लगभग 14-15% ही है
• इस कानून से महिलाओं की आवाज नीतियों और निर्णयों में मजबूत होगी
• यह भारत को समानता और विकास की दिशा में आगे बढ़ाने में सहायक बनेगा
यह कानून कहता है
• देश की राजनीति में अब हर 3 में से 1 सीट महिला के लिए आरक्षित होगी
• “विकसित भारत” के उद्देश्य में यह कानून एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा
• लोकतंत्र की दिशा में यह महत्वपूर्ण मील का पत्थर है
• सभी नागरिकों से अपील है कि इस अभियान का समर्थन करें
रश्मि राय
राजनीतिक टिप्पणीकार एवं समाजसेवी, गृहनगर
