“दुर्दम्य महारथी आजाद का स्व के लिए महासमर और रुह कंपाती दर्दनाक गाथा”

भारत की फिजाओं को सदा याद रहूँगा, आज़ाद था, आज़ाद हूँ, आजाद रहूँगा। “मैं आजाद हूँ”। देश भी आजाद हो गया है, आज मेरा बलिदान […]