‘हम सब एक हैं’, यह एकत्व की अनुभूति वर्ग में प्राप्त होती है – अतुल लिमये जी

नागपुर में कार्यकर्ता विकास वर्ग द्वितीय का शुभारम्भ

नागपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता विकास वर्ग-द्वितीय आज रेशीमबाग स्थित डॉ. हेडगेवार स्मृति भवन परिसर के महर्षि व्यास सभागार में प्रारंभ हुआ। शताब्दी वर्ष में हो रहे वर्ग के उद्घाटन अवसर पर सह सरकार्यवाह तथा वर्ग के पालक अधिकारी अतुल जी लिमये, सह सरकार्यवाह रामदत्त जी तथा जयपुर प्रांत संघचालक व वर्ग के सर्वाधिकारी महेंद्र सिंह मग्गो जी उपस्थित रहे। उन्होंने भारत माता की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर वर्ग का शुभारम्भ किया। वर्ग में देशभर से 880 शिक्षार्थी सम्मिलित हुए हैं। प्रशिक्षण वर्ग में सामाजिक जागरूकता एवं सामाजिक परिवर्तन पर प्रशिक्षण दिया जाता है।

सह सरकार्यवाह अतुल लिमये जी ने कहा कि हमारा जन्म भारत में हुआ, संघ के संपर्क में आकर स्वयंसेवक बने और संघ शताब्दी वर्ष में कार्यकर्ता विकास वर्ग द्वितीय में सहभागी होना, यह हमारा सौभाग्य है। संघ की शताब्दी की यात्रा में उपहास, उपेक्षा, विरोध का सामना करना पड़ा। तीन बार प्रतिबंध का भी सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि स्वयंसेवकों के त्याग, संघर्ष और प्रसंगानुरूप बलिदान के कारण यह यात्रा संभव हुई है। सामान्य दिखने वाले स्वयंसेवकों के असामान्य कर्तृत्व ने संघ को बनाया। उन्होंने कहा कि संघ की व्यक्ति निर्माण की प्रक्रिया विकेंद्रित है। व्यक्ति निर्माण का महत्त्वपूर्ण हिस्सा तो संघ की प्रतिदिन की शाखा है। उसी तरह संघ शिक्षा वर्ग भी व्यक्ति निर्माण का कार्य करता है। 1927 से संघ शिक्षा वर्ग की शुरुआत हुई। समय के अनुसार वर्गों की पद्धति में परिवर्तन आया। लेकिन भारत हिन्दू राष्ट्र है, परम वैभव साध्य करने हेतु संपूर्ण समाज का संगठन का लक्ष्य, समाज संगठन के लिए व्यक्ति निर्माण की प्रक्रिया, यह तीन मूलभूत बातें नहीं बदली। नागपुर में आयोजन के कारण इस वर्ग का महत्व असाधारण है। शरीर के साथ मन की सिद्धता भी जरुरी है। वही प्रक्रिया इस वर्ग में होती है।

अतुल जी ने कहा कि अमृत काल के चरण के साक्षी बनने का सौभाग्य हमें प्राप्त हो रहा है। इस कालावधी का पूर्ण उपयोग करना होगा। वर्ग में शारीरिक, बौद्धिक प्रशिक्षण के साथ अलग अनुभूति मिलती है। अलग-अलग प्रांतों के लोग साथ में रहते हैं। ‘हम सब एक हैं’, यह एकत्व की अनुभूति वर्ग में प्राप्त होती है। गौतम बुद्ध जी ने कहा था कि मुक्ति का मार्ग मैं बताता हूँ, पर पहुँचते वही हैं जो उसी मार्ग का अनुसरण कर निरंतर चलते रहते हैं। अपने मार्ग पर चलने के लिए स्वयंसेवकों को सिद्ध करने के लिए इस वर्ग में तैयार किया जाता है।

यह वर्ग अगले 25 दिनों तक चलेगा और आगामी 4 जून को समापन होगा। समापन के अवसर पर सरसंघचालक मोहन भागवत जी उपस्थित रहेंगे।

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