बाघा जतिन की हिन्दू -जर्मन योजना सफल होती,तो भारत 30 वर्ष पहले स्वतंत्र होता

डॉ आनंद सिंह राणा भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दुर्दम्य महारथी जतिन बाघा सदैव कहते थे कि “आमरा मोरबो,जगत जागबे”-जब हम मरेंगे,तभी देश जागेगा।भारतीय स्वतंत्रता संग्राम […]

विश्व मंच पर भारत की गूंज : स्वामी विवेकानंद का शिकागो भाषण

– एड. पूजा रजक पश्चिमी जगत के विद्वानों, धर्माचार्यों और चिंतकों से भरे उस विशाल सभागार में सभी की दृष्टि एक साधारण वेशभूषा वाले, किंतु […]

इतिहास से भी पूर्व, भारत का शाश्वत अस्तित्व – डॉ. मोहन भागवत जी

नागपुर, १० सितम्बर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि देवभक्ति और देशभक्ति, यह दो शब्द भले ही अलग दिखते […]

मोहन भागवत जी हमेशा से ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के प्रबल समर्थक रहे हैं : पीएम मोदी

आज 11 सितंबर है। यह दिन अलग-अलग स्मृतियों से जुड़ा है। एक  स्मृति 1893 की है, जब स्वामी विवेकानंद ने शिकागो में विश्वबंधुत्व का संदेश […]

संघ यात्रा के नए क्षितिज..!

26, 27 और 28 अगस्त को, दिल्ली के विज्ञान भवन में ‘100 वर्ष की संघ यात्रा – नए क्षितिज’ शीर्षक से व्याख्यानमाला संपन्न हुई। यह […]

संघ का त्रिदिवसीय व्याख्यान – सहमतियों के बिंदुओं की खोज

“परित्राणाय साधूनां विनाशाय च दुष्कृताम्, धर्मसंस्थापनार्थाय संभवामि युगे युगे” अब ऐसा तो हो नहीं सकता न! कि, कलियुग में भी श्रीकृष्ण पुनि-पुनि जन्मते ही रहें। […]

“स्वाधीनता संग्राम में आध्यात्मिक ऊर्जा और सामाजिक समरसता के शिरोमणि बने श्रीगणेश”

“ॐ गं गणपतये नम:” सत्य सनातन धर्म में भगवान् श्रीगणेश का आध्यात्मिक, पौराणिक, ऐतिहासिक और वैज्ञानिक महत्व अद्भुत एवं अद्वितीय है। सनातन धर्म में मांगलिक […]