“स्वदेश के लिए सर्वस्व अर्पित : उपेक्षित स्वयंसेवक महारथी राजगुरु”

17 दिसंबर 1928 को महारथी राजगुरु ने, पंजाब केसरी लाला लाजपत राय के हत्यारे, जे. पी. सांडर्स पर पहला फायर खोल दिया। उसके उपरांत सरदार […]

श्री एकनाथ रानाडे : संगठन, संकल्प और सेवा का पर्याय

श्री एकनाथ रानाडे का जन्म 19 नवम्बर, 1914 को महाराष्ट्र के अमरावती जिले के टिमटाला गाँव में हुआ। उनके पिता श्री रामकृष्णराव विनायक रानाडे रेलवे […]

कृतज्ञ किसानों का महापर्व – पोला

“आत्मवत् सर्वभूतेषु”, “वसुधैव कुटुम्बकम्” और “माता भूमि पुत्रोऽहम पृथिव्याः” जैसे उच्च आदर्शों से अनुप्राणित भारतीय संस्कृति ने न केवल मानव मूल्यों का सम्मान किया है, […]

“स्वाधीनता के राष्ट्र नायक सुभाष बाबू को जीते जी क्यों मारा गया ?”

(नेताजी सुभाष चंद्र बोस के तथाकथित बलिदान दिवस 18 अगस्त पर शत् शत् नमन है-सुभाष बाबू के विरुध्द गाँधीजी और उनकी समर्थक कांग्रेस लाॅबी के […]

ईवीएम से चुनाव आयोग तक

यह तो पूरे देश को पता है कि वर्ष 2014 से जब से भाजपा केन्द्र की सत्ता में आई तभी से कांग्रेस समेत अधिकांश विपक्षी […]

“भगवान् श्रीकृष्ण का अवतरण जन्माष्टमी नहीं वरन् अवताराष्टमी है”

(श्रीकृष्ण 64 कलाओं से परमावतार -प्रगटाष्टमी -प्रकटाष्टमी है, न कि जन्माष्टमी।GOD OF UNIVERSEसमस्त आत्मीय जनों को भगवान् श्रीकृष्ण की अवतार अष्टमी की अनंत कोटि शुभकामनाएं […]

“नेताजी और आजाद हिंद फौज की धमक के परिप्रेक्ष्य में मिली स्वाधीनता”

भारत की स्वाधीनता को लेकर यह यक्ष प्रश्न सदैव उठता रहा है कि बरतानिया सरकार ने अपनी घोषणा के एक वर्ष पूर्व ही भारत क्यों […]

जैविक और प्राकृतिक कृषि से राष्ट्र का सर्वांगीण विकास संभव – विनोद दिनेश्वर

जबलपुर। भाद्रपद कृष्ण षष्ठी पर भगवान बलराम जी के जन्मोत्सव के अवसर पर गुरुवार को शासकीय मानकुंवर बाई कला एवं वाणिज्य स्वशासी महिला महाविद्यालय में […]