जो छेड़ेगा हिंदुओं की बस्तिओं को हम मिटा देंगे उनकी हस्तिओं को: साध्वी सरस्वती

छिंदवाड़ा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अंतर्गत हिंदू जागरण कार्यक्रमों की श्रृंखला में पोलाग्राउंड में विशाल हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में हिंदुत्व की मुखर वक्ता एवं कथावाचक साध्वी सरस्वती मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहीं। उनके प्रभावशाली उद्बोधन को सुनने जिले भर से बड़ी संख्या में सनातनी बंधु उपस्थित हुए।

कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता के पूजन एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। राष्ट्र सेविका समिति की प्रांत प्रचारिका वसुधा सुमन जी ने अपने संक्षिप्त उद्बोधन में सनातन धर्म और समरसता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत में कभी जाति प्रथा नहीं रही, यह देश समरसता का देश रहा है। उन्होंने कहा कि यह भगवान राम का देश है, जहाँ वनवासी माता शबरी के जूठे बेर भी भगवान ने प्रेमपूर्वक ग्रहण किए थे।

कार्यक्रम में सह प्रांत प्रचारक श्रवण सैनी जी ने कहा कि पंच परिवर्तन के माध्यम से पूरे सनातन समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का संकल्प लिया गया है। उन्होंने कहा कि पंच परिवर्तन के माध्यम से समाज में ऊँच-नीच और जात-पात जैसी विकृतियों को समाप्त किया जा सकता है। उन्होंने गुरु तेग बहादुर एवं उनके चार साहिबजादों के बलिदान तथा छत्रपति शिवाजी महाराज के संघर्ष का स्मरण करते हुए कहा कि सनातन और भारत विरोधी शक्तियों का सामना करने के लिए समाज में समरसता का बीज बोना आवश्यक है।

मुख्य वक्ता साध्वी सरस्वती जी ने अपने तेजस्वी उद्बोधन में कहा कि भारत प्रकृति पूजक राष्ट्र है। यहाँ पेड़ों, सूर्य, गाय और समस्त जीवों के प्रति श्रद्धा का भाव रखा जाता है। उन्होंने कहा कि भारत विश्व का ऐसा देश है जहाँ प्रतिदिन सूर्य को अर्घ्य देकर मंत्रोच्चार के साथ पूजा की जाती है तथा प्रकृति को माता के रूप में सम्मान दिया जाता है।

अपने उद्बोधन में उन्होंने भारत के गौरवशाली इतिहास का स्मरण कराते हुए कहा कि हमें अपने पराक्रम और सांस्कृतिक विरासत को याद रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत आज एक सशक्त और आत्मविश्वासी राष्ट्र के रूप में विश्व के सामने खड़ा है। साथ ही उन्होंने समाज में राष्ट्रभक्ति, सनातन मूल्यों और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के अंत में उन्होंने प्रत्येक परिवार से राष्ट्र एवं समाज कार्य के लिए एक स्वयंसेवक तैयार करने का आग्रह किया, जिस पर उपस्थित जनसमुदाय ने हाथ उठाकर सहमति व्यक्त की। भारत माता की आरती के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इसके पश्चात सभी ने समरस खिचड़ी प्रसाद ग्रहण किया। साध्वी सरस्वती जी ने स्वयं उपस्थितजनों को समरस खिचड़ी परोसी।

कार्यक्रम में समाज एवं विभिन्न आनुषंगिक संगठनों के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। मंच पर हिंदू सम्मेलन आयोजन समिति के संयोजक विनोद विश्वकर्मा, सह संयोजक मेरसिंह चौधरी तथा अर्पिता शुक्ला भी उपस्थित रहीं।

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