संगठित समाज ही समर्थ राष्ट्र की पहचान : अनिल चंद्रवंशी

छिंदवाड़ा में संघ शिक्षा वर्ग सामान्य (व्यवसायी) का शुभारंभ

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ महाकौशल प्रांत द्वारा छिंदवाड़ा स्थित श्री माताजी निर्मला देवी सहजयोग ट्रस्ट, लिंगा में आयोजित संघ शिक्षा वर्ग सामान्य (व्यवसायी) का उद्घाटन 16 मई 2026 को सम्पन्न हुआ। यह वर्ग 15 से 40 वर्ष आयु वर्ग के स्वयंसेवकों हेतु आयोजित किया गया है, जो 1 जून 2026 तक चलेगा।

वर्ग के प्रचार प्रमुख श्री विनय सोलंकी ने जानकारी देते हुए बताया कि इस वर्ग में कुल 202 शिक्षार्थी सहभागी हैं। शिक्षार्थियों की चिंता एवं मार्गदर्शन के लिए दस विभागों से पालक अधिकारियों की योजना बनाई गई है, वहीं उन्हें प्रशिक्षित करने के लिए 25 शिक्षकों की टोली कार्यरत है। विभिन्न शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों से आए शिक्षार्थी और शिक्षक छिंदवाड़ा में साधना एवं प्रशिक्षण हेतु उपस्थित हुए हैं।

उद्घाटन सत्र में वर्ग के सर्वाधिकारी श्री मनोज जैन जी एवं महाकौशल प्रांत के सह प्रांत कार्यवाह श्री अनिल चंद्रवंशी जी ने भारत माता के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर वर्ग का शुभारंभ किया। कार्यक्रम के प्रारंभ में वर्ग संचालन टोली का परिचय कराया गया।

अपने उद्बोधन में श्री अनिल चंद्रवंशी जी ने शिक्षार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि हम सभी संघ की पद्धति एवं कार्य को सीखने आए हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का कार्य ईश्वरीय कार्य है तथा स्वयंसेवकों के अथक परिश्रम से संघ नागपुर से निकलकर आज समाज के व्यापक क्षेत्रों तक पहुंचा है। उन्होंने बताया कि असंगठित हिंदू समाज को संगठित करने के उद्देश्य से डॉक्टर साहब ने संघ की स्थापना की थी।

उन्होंने शिक्षार्थियों से अध्ययन, अभ्यास, संस्कार और साधना इन चार मूल्यों को आत्मसात करने का आह्वान करते हुए कहा कि हम यहां ‘मैं से हम’ की यात्रा करने आए हैं। संघ की प्रतिज्ञा में ही संगठन का ध्येय निहित है और शुद्ध सात्विक प्रेम संघ कार्य का आधार है। प्रत्येक स्वयंसेवक को अपने संगठन के प्रति अटूट विश्वास, श्रद्धा और समर्पण रखना चाहिए।

अपने प्रेरक उद्बोधन में श्री चंद्रवंशी जी ने विभिन्न प्रसंगों और कहानियों के माध्यम से शिक्षार्थियों को सामाजिक जीवन में दक्ष एवं सक्रिय भूमिका निभाने की प्रेरणा प्रदान की।

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