संघ शताब्दी वर्ष में समाज परिवर्तन हेतु पंच परिवर्तन का आह्वान – हेमंत मुक्तिबोध

रीवा में शरद पूर्णिमा पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का भव्य पथ संचलन सम्पन्न

रीवा। शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, रीवा नगर द्वारा भव्य पथ संचलन एवं शारीरिक प्रदर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। नगर की चालीस बस्तियों से हजारों स्वयंसेवक पूर्ण गणवेश में घोष दल के साथ कदम मिलाते हुए अनुशासन एवं राष्ट्रभाव का अद्भुत प्रदर्शन करते हुए एनसीसी ग्राउंड पहुंचे।

कार्यक्रम में चयनित स्वयंसेवकों द्वारा निःयुद्ध, दंड, व्यायाम योग, प्रदक्षिणा एवं ध्वज वंदना जैसे शारीरिक कार्यक्रम अत्यंत उत्साह और अनुशासन के साथ प्रस्तुत किए गए।

मुख्य वक्ता मध्यक्षेत्र के सहकार्यवाह हेमंत मुक्तिबोध ने अपने उद्बोधन में कहा कि “संघ शताब्दी वर्ष राष्ट्रहित को समर्पित है। डॉ. हेडगेवार जी ने 1925 में नागपुर से केवल कुछ स्वयंसेवकों के साथ जो कार्य प्रारंभ किया था, आज वह सेवा और संगठन की शक्ति के रूप में पूरे भारत सहित विश्वभर में फैल चुका है।”

उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम ने जैसे नर और वानरों को संगठित कर ऋषि-मुनियों की रक्षा की थी, उसी प्रकार संघ समाज संगठन के माध्यम से राष्ट्ररक्षा के कार्य में निरंतर सक्रिय है। मुक्तिबोध जी ने पंच परिवर्तन – भारतीय कुटुंब व्यवस्था का संरक्षण, सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी का प्रयोग और नागरिक कर्तव्यों के पालन – का आह्वान किया।

कार्यक्रम में प्रमुख रूप से डॉ. श्रीनारायण तिवारी, डॉ. चारुदत्त, श्री जागेश्वर ताम्रकार (प्रांत शारीरिक प्रमुख), श्री उमेश (प्रांत बौद्धिक प्रमुख) एवं श्री हरिनारायण (विभाग प्रचारक) सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *