युवा शक्ति जाग्रत होगी तो राष्ट्रविरोधी शक्तियां विफल होंगी : सुनील कुलकर्णी

युवा संवाद कार्यक्रम में राष्ट्रनिर्माण का आह्वान

छतरपुर।

राष्ट्रनिर्माण में युवाओं की भूमिका को और अधिक सशक्त एवं सकारात्मक दिशा देने के उद्देश्य से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा युवा संवाद कार्यक्रम का आयोजन छतरपुर शहर के पन्ना रोड स्थित एक निजी होटल में किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं की सहभागिता रही।

इस अवसर पर संघ के श्री सुनील कुलकर्णी (अखिल भारतीय सह प्रचारक प्रमुख) मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला संघचालक रामकृपाल गुप्ता ने की, जबकि सह विभाग संघचालक गुरु प्रसाद अवस्थी मंचासीन रहे।

मुख्य वक्ता श्री सुनील कुलकर्णी ने अपने ओजस्वी उद्बोधन में युवाओं से सकारात्मक सोच, समाज सेवा और राष्ट्रहित को जीवन का लक्ष्य बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि देश की प्रगति के लिए समाज में युवाओं को जाग्रत करना आवश्यक है। वर्तमान समय में कुछ ऐसी शक्तियां सक्रिय हैं जो देश को विभाजित करने का सपना देखती हैं, किंतु यदि युवा शक्ति जाग्रत होगी तो ऐसी शक्तियां कभी सफल नहीं होंगी। उन्होंने युवाओं से संघ से जुड़कर संगठित रूप से कार्य करने का आग्रह किया।

श्री कुलकर्णी ने सामाजिक कार्यों में युवाओं की सक्रिय भागीदारी पर बल देते हुए कहा कि “Be Good, Do Good” का संदेश केवल नारा नहीं, बल्कि जीवन की कार्यदिशा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि युवा किसी भी राष्ट्र की नींव होते हैं और आज का युवा ही भारत की सबसे बड़ी शक्ति है, जिसके विचार, संस्कार और कर्म भारत के उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करेंगे।

उन्होंने 12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 12 जनवरी 1863 को कोलकाता में जन्मे स्वामी विवेकानंद ने सदैव युवाओं को आत्मविश्वास, चरित्र और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा दी। उनकी 163वीं जयंती के अवसर पर युवाओं से संकल्प लेने का आह्वान किया गया कि वे अपने जीवन को उद्देश्यपूर्ण बनाएंगे और अपनी ऊर्जा को समाज व देश की उन्नति में लगाएंगे।

सामाजिक समरसता पर बोलते हुए श्री कुलकर्णी ने कहा कि समाज में किसी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि चाहे वह बस कंडक्टर हो, नगर पालिका की सफाईकर्मी बहन हो या समाज का कोई भी वर्ग-सभी के साथ समानता और आत्मीयता का व्यवहार ही सामाजिक समरसता की सच्ची शुरुआत है। ऐसे व्यवहार से यह संदेश जाएगा कि हमारे समाज में छुआछूत या भेदभाव के लिए कोई स्थान नहीं है और सभी समान हैं।

युवा संवाद के माध्यम से युवाओं में राष्ट्रभाव, सामाजिक दायित्व और आत्मविकास जैसे विषयों पर सार्थक विचार-विमर्श हुआ। कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में युवाओं ने सहभागिता कर राष्ट्रनिर्माण के संकल्प को आत्मसात किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *