महाकौशल प्रान्त में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का अरुणोदय

संघ शताब्दी वर्ष आलेख शृंखला चतुर्थ दिवस महाकौशल प्रान्त भारत का हृदयांचल है। भौगोलिक और भूवैज्ञानिक दृष्टि से महाकौशल प्रान्त सर्वाधिक प्राचीनतम गोंडवाना लैंड भूसंहति […]

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का स्वातंत्र्य आंदोलन में योगदान

संघ शताब्दी वर्ष आलेख शृंखला तृतीय दिन चिर सनातन अखण्ड भारत की सर्वांग स्वतंत्रता के लिए कटिबद्ध राष्ट्रीय स्वयंसेवक के संस्थापक डॉ. हेडगेवार स्वतंत्रता संग्राम […]

जन्मजात देशभक्त डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार

संघ शताब्दी वर्ष आलेख शृंखला द्वितीय दिन भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के समय अनेक विभूतियों ने राष्ट्र के पुनर्निर्माण का संकल्प लिया। इन्हीं विभूतियों में एक […]

राष्ट्रीय एकता का बीज : संघ स्थापना की पृष्ठभूमि

‘व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण का ध्येय‘ भारतीय संस्कृति का मूल तत्व है – ‘संगठन और समर्पण’।  जब-जब समाज विखंडित हुआ, आत्मविश्वास डगमगाया और पराधीनता की बेड़ियाँ […]

सन् 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के भारत के प्रथम बलिदानी राजा शंकर शाह एवं रघुनाथ शाह

भारतीय स्वाधीनता संग्राम के इतिहास में बरतानिया सरकार के विरुद्घ जनजातीय योद्धा सदैव भारी पड़े हैं इसलिए बरतानिया सरकार ने उन्हें छल से ही मारा […]

ब्रम्हांड के प्रथम अभियंता और वास्तुकार भगवान् विश्वकर्मा

सनातन धर्म शास्त्रों में भगवान् विश्वकर्मा के पाँच अवतार वर्णित हैं। ब्रह्मा के पुत्र अंगीरा ऋषि की सुपुत्री भुवना ब्रम्हवादिनी के सुपुत्र भगवान् विश्वकर्मा के […]

संघ यात्रा के नए क्षितिज..!

26, 27 और 28 अगस्त को, दिल्ली के विज्ञान भवन में ‘100 वर्ष की संघ यात्रा – नए क्षितिज’ शीर्षक से व्याख्यानमाला संपन्न हुई। यह […]

संघ का त्रिदिवसीय व्याख्यान – सहमतियों के बिंदुओं की खोज

“परित्राणाय साधूनां विनाशाय च दुष्कृताम्, धर्मसंस्थापनार्थाय संभवामि युगे युगे” अब ऐसा तो हो नहीं सकता न! कि, कलियुग में भी श्रीकृष्ण पुनि-पुनि जन्मते ही रहें। […]

“स्वाधीनता संग्राम में आध्यात्मिक ऊर्जा और सामाजिक समरसता के शिरोमणि बने श्रीगणेश”

“ॐ गं गणपतये नम:” सत्य सनातन धर्म में भगवान् श्रीगणेश का आध्यात्मिक, पौराणिक, ऐतिहासिक और वैज्ञानिक महत्व अद्भुत एवं अद्वितीय है। सनातन धर्म में मांगलिक […]