श्री एकनाथ रानाडे का जन्म 19 नवम्बर, 1914 को महाराष्ट्र के अमरावती जिले के टिमटाला गाँव में हुआ। उनके पिता श्री रामकृष्णराव विनायक रानाडे रेलवे […]
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“स्वाधीनता के राष्ट्र नायक सुभाष बाबू को जीते जी क्यों मारा गया ?”
(नेताजी सुभाष चंद्र बोस के तथाकथित बलिदान दिवस 18 अगस्त पर शत् शत् नमन है-सुभाष बाबू के विरुध्द गाँधीजी और उनकी समर्थक कांग्रेस लाॅबी के […]
“नेताजी और आजाद हिंद फौज की धमक के परिप्रेक्ष्य में मिली स्वाधीनता”
भारत की स्वाधीनता को लेकर यह यक्ष प्रश्न सदैव उठता रहा है कि बरतानिया सरकार ने अपनी घोषणा के एक वर्ष पूर्व ही भारत क्यों […]
अंग्रेजों का ‘न्यायपूर्ण’ शासन..?/२
१८५७ के क्रांति युध्द में अंग्रेजों की निर्दयता – एक ब्रिटिश आर्मी ऑफिसर ने ‘द टाइम्स’ में लिखा, “We have the power of life and […]
अखंड भारत के साधक पेशवा बाजीराव
– डॉ. प्रवीण दाताराम गुगनानी चौदह अगस्त, 1947 अखंड भारत दिवस और अट्ठारह अगस्त वर्ष 1700, पेशवा बाजीराव प्रथम का जन्मदिवस; ये दोनों प्रसंग एक […]
अंग्रेजों का ‘न्यायपूर्ण’ शासन’..? / १
ज्ञात इतिहास में भारत पर आक्रांताओं के रूप में आने वालों में शक, हूण, कुषाण, मुसलमान, डच, पोर्तुगीज, फ्रेंच, अंग्रेज़ आदि प्रमुख हैं. इन में […]
पुस्तक परिचय – तीन संघ चालक
मराठी के प्रतिष्ठित लेखक डॉ. वि. रा. करंदीकर द्वारा रचित यह ग्रंथ, एक युगीन दस्तावेज है। इसका हिंदी अनुवाद डॉ. मोहन बांदे ने अत्यंत सरल, […]
आपातकाल में हुआ जेल के अंदर दो स्वयंसेवकों का बलिदान
आपातकाल के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के दो स्वयंसेवक- परशुराम और सोमनाथ के साथ ऐसी बर्बरता हुई कि उन दोनों का निधन जेल में हो […]
भारत में ‘विश्व मूल निवासी दिवस’ का औचित्य…?
९ अगस्त को ‘विश्व मूल निवासी दिवस’ (World Indigenous Day) हैं. सन १९९४ में संयुक्त राष्ट्र संघ ने इस दिवस की घोषणा की थी. इस […]
मातृत्व, अनुशासन और राष्ट्रनिष्ठा की जीवंत प्रतिमा: वंदनीय प्रमिलताई मेढे
नागपुर के देवी अहिल्या मंदिर परिसर का वातावरण 31 जुलाई 2025 की सुबह गहन शोक और श्रद्धा से भर गया। राष्ट्र सेविका समिति की चतुर्थ […]
