क्यूबा 2026 समानता के नाम पर शुरू हुआ प्रयोग, आर्थिक पतन पर खत्म

वामपंथी विचारधारा हमेशा समानता, न्याय और गरीबों के उत्थान के आकर्षक नारों के साथ सामने आती है, लेकिन इतिहास का कठोर सत्य यह है कि […]

अपना घुमंतू समाज : भारत की चलती-फिरती सांस्कृतिक विरासत

भारत केवल एक भौगोलिक इकाई नहीं, बल्कि विविधताओं का विराट संगम है। यहां भाषा, वेशभूषा, खान-पान, रहन-सहन, आस्था और परंपराओं का ऐसा अद्भुत समन्वय दिखाई […]

सार्वलौकिक विज्ञान और उभरती वैश्विक समस्याएँ : जे. नंदकुमार

भोपाल । बरकतउल्ला विश्वविद्यालय में “विज्ञान में राष्ट्रीय स्वत्व : भारतीय वैज्ञानिकों का संघर्ष” विषय पर एक व्याख्यान का आयोजन किया गया। प्रज्ञा प्रवाह के […]

साहित्य अकादमी का एलजीबीटीक्यू लेखक सम्मेलन – हमारी संस्कृति पर आक्रमण

भारत की सर्वोच्च साहित्यिक संस्थाओं में से एक, साहित्य अकादमी द्वारा LGBTQ लेखक सम्मेलन का आयोजन एक गहरे वैचारिक विमर्श और टकराव का संकेत है। […]

धर्मांतरण और अनुसूचित जाति का दर्जा: कानून, समाज और न्याय का जटिल संवाद

भारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी विशेषता उसका संविधान है, एक ऐसा जीवंत दस्तावेज, जो समानता, स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों पर टिका है। लेकिन […]

संक्रमणकालीन विश्व व्यवस्था और भारत: वर्चस्व से ‘वसुधैव कुटुंबकम’ तक

21वीं सदी का वर्तमान दौर केवल घटनाओं का सिलसिला नहीं, बल्कि एक गहरा वैश्विक परिवर्तन (Global Transformation) है। यह समय शक्तियों के संघर्ष का है, […]

संघर्ष से सफलता तक: योगेश ने बनाई देश के टॉप-20 किसानों में जगह

नरसिंहपुर (मध्य प्रदेश):कभी साधारण खेती से अपनी आजीविका चलाने वाले नरसिंहपुर जिले के किसान योगेश आज देशभर में पहचान बना चुके हैं। अपनी लगन, मेहनत […]

वैश्विक संकट में भारत की दृढ़ रणनीति: ईरान युद्ध, हार्मुज संकट और ऊर्जा सुरक्षा की नई दिशा

नई दिल्ली, मार्च 2026 की शुरुआत से विश्व एक अभूतपूर्व संकट से जूझ रहा है। अमेरिका और इजराइल के संयुक्त सैन्य अभियानों ने ईरान में […]