युवाओं में स्वाभिमान जागरण ही राष्ट्रोत्थान का मार्ग : श्रवण सैनी

स्वाभिमान से राष्ट्र निर्माण तक का संकल्प युवा सम्मेलन नरसिंहपुर

नरसिंहपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का जिला स्तरीय युवा सम्मेलन 11 जनवरी 2026 को जिला मुख्यालय स्थित स्टेडियम ग्राउंड में आयोजित हुआ। सम्मेलन में नरसिंहपुर, करेली, गोटेगांव, सिंहपुर एवं मुंगवानी खंड से आए स्वयंसेवकों व युवाओं के साथ बड़ी संख्या में नागरिकों की उपस्थिति रही। यह सम्मेलन संघ के शताब्दी वर्ष कार्यक्रमों की श्रृंखला के अंतर्गत आयोजित किया गया।

प्रथम सत्र में ध्वज प्रणाम के साथ शाखा लगाई गई। विभिन्न खंडों से आए स्वयंसेवकों ने शारीरिक व्यायाम एवं खेल गतिविधियों में सहभागिता कर अनुशासित जीवन और उत्तम स्वास्थ्य के महत्व को आत्मसात किया।

द्वितीय सत्र में संघ द्वारा घोषित पंच परिवर्तन विषय पर सकारात्मक एवं विचारोत्तेजक चर्चा हुई। इसमें सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, नागरिक कर्तव्य, स्वदेशी जैसे विषयों पर विस्तार से विमर्श किया गया। साथ ही नशा मुक्ति को सामाजिक दायित्व के रूप में अपनाने का आह्वान किया गया।

तृतीय सत्र में मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ताओं के उद्बोधन हुए। इस अवसर पर सह प्रांत प्रचारक श्रवण, मुख्य अतिथि स्वामी अचलानंद महाराज परमहंसी, जिला संघचालक आदित्य मोहन एवं विभाग कार्यवाह प्रहलाद पटेल मंचासीन रहे।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता सह प्रांत प्रचारक श्री श्रवण सैनी ने अपने उद्बोधन में कहा कि संघ के सौ वर्षों की यात्रा का मूल उद्देश्य राष्ट्र के प्रति स्वाभिमान की भावना को जागृत करना है। उन्होंने डॉ. हेडगेवार के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत पर हुए बाहरी आक्रमणों का मुख्य कारण हिंदु समाज में स्वाभिमान की कमी रही है।

उन्होंने कहा कि जब युवाओं के मन में भारत माता के प्रति श्रद्धा जागेगी, तभी वे देश, समाज और राष्ट्र के लिए समर्पित भाव से कार्य करेंगे। युवाओं को चाहिए कि वे करियर और परिवार के साथ-साथ राष्ट्र के लिए भी चिंतन करें। स्वामी विवेकानंद से प्रेरणा लेकर युवाओं को भारत को पुनः विश्व गुरु बनाने का संकल्प लेना चाहिए।

मुख्य अतिथि स्वामी अचलानंद महाराज परमहंसी ने कहा कि भगवान राम ने सोने की लंका जीतने के बाद उसे विभीषण को सौंप दिया, क्योंकि उनके लिए जननी और जन्मभूमि सर्वोपरि थीं। युवा वह शक्ति है जो हर सकारात्मक परिवर्तन का आधार बन सकती है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी क्षमता, साहस और गुणों का उपयोग राष्ट्र की उन्नति एवं गौरव बढ़ाने में करें। सम्मेलन के अंत में युवाओं ने राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।

इस अवसर पर स्टेडियम ग्राउंड परिसर में 1925 से 2025 तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की 100 वर्षों की यात्रा पर आधारित चित्र प्रदर्शनी आयोजित की गई। प्रदर्शनी में संघ के विभिन्न कार्यों, सामाजिक अभियानों और ऐतिहासिक पड़ावों को प्रभावी रूप से दर्शाया गया।

प्रदर्शनी स्थल का नामकरण जिले के अमर शहीद स्वर्गीय आशीष शर्मा के नाम पर किया गया, जबकि संपूर्ण परिसर का नाम युवाओं के प्रेरणा स्रोत स्वामी विवेकानंद के नाम पर रखा गया।

सम्मेलन के दौरान मातृ शक्ति द्वारा रंगोली के माध्यम से पंच परिवर्तन, मिशन सिंदूर, नशा मुक्ति एवं सामाजिक समरसता का सशक्त संदेश दिया गया। रंगोली ने उपस्थित जनसमूह को सामाजिक दायित्वों के प्रति जागरूक किया और कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण बनी। अतिथियों एवं स्वयंसेवकों ने रंगोली एवं प्रदर्शनी का अवलोकन कर इसकी सराहना की।

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