गाडरवारा में संघ का भव्य युवा सम्मेलन, राष्ट्रबोध और पंच परिवर्तन का सशक्त संदेश
गाडरवारा। स्थानीय रुद्र मैदान पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष कार्यक्रमों की श्रृंखला के अंतर्गत भव्य युवा सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में गाडरवारा, तेंदूखेड़ा एवं साईंखेड़ा खंड से आए स्वयंसेवकों, युवाओं के साथ-साथ बड़ी संख्या में नगरवासी उपस्थित रहे। आयोजन ने पूरे नगर को राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और सामाजिक चेतना के रंग में रंग दिया।
सम्मेलन के पूर्व युवाओं द्वारा उत्साहपूर्ण भव्य वाहन रैली निकाली गई, जो पलोटन गंज स्थित वृंदावन गार्डन से प्रारंभ होकर नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए रुद्र मैदान में संपन्न हुई। रैली में राष्ट्रगीतों और अनुशासनबद्ध सहभागिता ने जनमानस को प्रेरित किया।
कार्यक्रम का प्रथम सत्र ध्वज प्रणाम एवं शाखा के साथ आरंभ हुआ। विभिन्न खंडों से आए स्वयंसेवकों ने शारीरिक व्यायाम, खेल एवं सामूहिक अभ्यासों के माध्यम से अनुशासित जीवनशैली और उत्तम स्वास्थ्य के महत्व को व्यवहार में उतारा।
द्वितीय सत्र में संघ द्वारा घोषित पंच परिवर्तन विषय पर सारगर्भित एवं विचारोत्तेजक चर्चा हुई। सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, नागरिक कर्तव्य एवं स्वदेशी जैसे विषयों पर विस्तार से विमर्श किया गया। साथ ही नशा मुक्ति को सामाजिक दायित्व के रूप में अपनाने का आह्वान किया गया।
सम्मेलन के मुख्य वक्ता सह क्षेत्र प्रचारक प्रेम शंकर ने अपने ओजस्वी उद्बोधन में कहा कि संघ की सौ वर्षों की यात्रा का मूल उद्देश्य राष्ट्र के प्रति स्वाभिमान की भावना को जागृत करना है। उन्होंने डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत पर हुए बाहरी आक्रमणों का एक प्रमुख कारण हिंदू समाज में स्वाभिमान की कमी रही है।
उन्होंने कहा कि जब युवाओं के मन में भारत माता के प्रति गहरी श्रद्धा जागेगी, तभी वे देश, समाज और राष्ट्र के लिए समर्पित भाव से कार्य करेंगे। युवाओं को चाहिए कि वे करियर और परिवार के साथ-साथ राष्ट्र के लिए भी निरंतर चिंतन करें। स्वामी विवेकानंद से प्रेरणा लेकर भारत को पुनः विश्व गुरु बनाने का संकल्प लें।
युवा सम्मेलन में विभाग प्रचारक आनंद, जिला प्रचारक रवि दत्त, जिला संघचालक आदित्य मोहन, सह जिला कार्यवाह हरिनारायण ममार एवं सह जिला प्रचार प्रमुख आदित्य कौरव सहित अनेक दायित्ववान कार्यकर्ताओं की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रभक्ति के संकल्प और सामाजिक उत्तरदायित्व के भाव के साथ हुआ, जिसने युवाओं को राष्ट्रनिर्माण के पथ पर सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।

