व्यक्ति निर्माण की अभिनव पद्धति के 100 वर्ष पूर्ण – श्रवण जी

संघ शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में मझगंवा में विशाल हिंदू सम्मेलन संपन्न

मझगंवा (चित्रकूट), सतना |
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर मंडल मझगंवा के तत्वावधान में कृषि विज्ञान केंद्र मझगंवा प्रांगण में विशाल हिंदू सम्मेलन का आयोजन भव्य एवं प्रेरणादायी वातावरण में संपन्न हुआ। सम्मेलन में बड़ी संख्या में मातृशक्ति, पुरुष, युवा, बालक, वृद्ध, कृषक एवं व्यवसायी वर्ग की सहभागिता रही।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह प्रांत प्रचारक श्री श्रवण जी ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ व्यक्ति निर्माण की अभिनव पद्धति के 100 वर्ष पूर्ण कर रहा है। संघ हजारों स्वयंसेवकों के त्याग, तपस्या और बलिदान से आज इस विराट स्वरूप में खड़ा है।
उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज, गुरु तेग बहादुर, महाराणा प्रताप, वीर सावरकर एवं बिरसा मुंडा जैसे महापुरुषों के बलिदान और पराक्रम का स्मरण करते हुए कहा कि इन्हीं आदर्शों से हिंदू समाज को संगठित होने की प्रेरणा मिलती है।

श्री श्रवण जी ने कहा कि भारत ने पूरे विश्व को “वसुधैव कुटुम्बकम्” का संदेश दिया है। भारत और हिंदू संस्कृति के बिना विश्व की कल्पना अधूरी है – भारत ही विश्व चेतना का आधार है।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूज्य विपिन दास जी महाराज (बड़े देव बाबा, बरोधा) ने अपने आशीर्वचन में हिंदू राष्ट्र की अवधारणा तथा गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा देने का आग्रह किया।

राष्ट्र सेविका समिति की जिला बौद्धिक शिक्षण प्रमुख श्रीमती आरती सिंह जी ने समाज से संघ के पंच परिवर्तन – सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, स्वदेशी, पर्यावरण एवं नागरिक कर्तव्यों – को जीवन में आत्मसात करने का आह्वान किया।

मंच पर खंड संघचालक रामराज जी की गरिमामय उपस्थिति रही।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बच्चों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने सभी को भावविभोर कर दिया।

कार्यक्रम में हिंदू समाज के सभी वर्गों की व्यापक उपस्थिति रही। सम्मेलन का उद्देश्य समाज को संगठित करना, सांस्कृतिक चेतना जागृत करना और राष्ट्र निर्माण में प्रत्येक नागरिक की भूमिका को सुदृढ़ करना रहा। सम्मेलन का समापन राष्ट्र, समाज और संस्कृति के प्रति समर्पण के संकल्प के साथ हुआ।

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