हिन्दू जीवन मूल्य ही दुनिया को नई दिशा दे सकता है – विनोद दिनेश्वर

जबलपुर 5 अक्टूबर 2025 । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष की ओर बढ़ते हुए, महाकौशल प्रांत के प्रचार प्रमुख विनोद दिनेश्वर ने श्री विजयादशमी उत्सव के पावन अवसर पर उद्गार व्यक्त करते हुए कहा कि हिन्दू जीवन मूल्यों के आधार पर ही भारत विश्व गुरु के स्थान पर पुनः प्रतिष्ठित होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि हिंदुत्व कोई पूजा पद्धति नहीं, बल्कि जीवन जीने का मार्ग है। मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित दिनेश्वर ने ‘मातृवत परदारेषु, परद्रव्येषु लोष्ठवत’ के सूत्र का उल्लेख करते हुए हिंदुत्व को परिभाषित किया। उन्होंने कहा, “हमारे लिए अपनी पत्नी को छोड़कर सभी महिलाएं-चाहे वह कन्या ही क्यों न हो-माँ का रूप हैं। पराये धन को मिट्टी के ढेले के समान समझना ही सच्चा हिंदुत्व है।”

दिनेश्वर ने कहा कि 1925 में डॉ केशव बलिराम हेडगेवार ने जिस बीज का रोपण किया था आज वटवृक्ष बन गया है, लेकिन संघ को बड़ा करना ये संघ का उद्देश्य नहीं है अपितु वर्तमान में जो चुनौतियां हैं समस्याएं हैं उससे समाज को दोषमुक्त करना ये उद्देश्य है। इसलिए समाज से आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि हम सबको पांच मूलभूत विषयों पर ध्यान देगा होगा। परिवार व्यवस्था ये भारत की आत्मा है अतः परिवार में संस्कारक्षम वातावरण ये होना ही चाहिए। सामाजिक समरसता का आज भी अभाव दिखाई पड़ता है। यदि हम भारत माता की जय बोलते हैं तो हम सब भारत माँ की संतान है, फिर अश्पृश्यता किस बात की। छुआछूत मुक्त समाज खड़ा करना ही होगा। स्व का बोध प्रत्येक नागरिक के जीवन मे हो। भाषा, भूषा, भोजन, भेषज, भजन और भ्रमण ये स्वदेशी हो। पर्यावरण युक्त जीवन शैली आज की आवश्यकता है। अधिकतम पेड़ लगाना, पानी बचाना और सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त अपना घर हो। और हम अधिकार की तो बात करते हैं परंतु कर्तव्य भूल जाते हैं। इसलिए नागरिक कर्तव्य का पालन करना हम सबका दायित्व हो। भ्रष्टाचार मुक्त समाज आज की आवश्यकता है।

‘याचि देहि याचि डोळा’ – सर्वोच्च स्थान पर भारत
दिनेश्वर ने दृढ़ता से कहा कि जिस दिन समाज इन पाँचों बातों को अंगीकृत कर लेगा, भारत को विश्व गुरु बनने से कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने संघ संस्थापक डॉ. हेडगेवार के स्वप्न को याद करते हुए कहा, “याचि देहि याचि डोळा” (इसी शरीर से, इन्ही आँखों से) हम भारत को सर्वोच्च स्थान पर स्थापित होते देखेंगे। उन्होंने कहा कि वो भले ही यह दृश्य नहीं देख पाए, पर हम अवश्य देख पाएँगे, वह दृश्य दिखाई पड़ रहा है।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में कच्छ पाटीदार समाज के अध्यक्ष श्री शिवगण भाई पटेल, गुप्तेश्वर नगर के संघचालक परविंदर सिंह बिंद्रा सहित नगर के गणमान्य नागरिक और नारीशक्ति की महत्वपूर्ण उपस्थिति रही।

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