भारत की स्वतंत्रता असंख्य ज्ञात-अज्ञात बलिदानों का परिणाम : सुरेश जी सोनी

आईएमए में प्रमुख जन गोष्ठी सम्पन्न

जबलपुर स्थित इंडियन मेडिकल एसोसिएशन हॉल राइट टाउन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में प्रमुख जन गोष्ठी (चिकित्सक एवं रोटरी श्रेणी) का भव्य आयोजन संपन्न हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में चिकित्सक, रोटेरियन बंधु एवं मातृशक्ति की गरिमामयी उपस्थिति रही।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता सुरेश जी सोनी ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारत की स्वतंत्रता असंख्य ज्ञात-अज्ञात बलिदानों का परिणाम है। अनेक ऐसे अनदेखे नायक भी रहे, जिन्होंने स्वयं को राष्ट्र के लिए समर्पित कर दिया।

उन्होंने आगे कहा कि संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने पर समाज जीवन में सकारात्मक परिवर्तन हेतु पंच परिवर्तन का आग्रह किया गया है, जिसमें कुटुंब प्रबोधन, सामाजिक समरसता, पर्यावरण के प्रति जवाबदारी, स्व का भाव एवं नागरिक कर्तव्य शामिल हैं। इन्हीं मूल्यों के माध्यम से समाज में जागरण आएगा और भारत के विश्वगुरु बनने का मार्ग प्रशस्त होगा।

उन्होंने कहा कि संघ संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार जब स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय थे, तब उनके मन में यह चिंता थी कि जब तक हिंदू समाज स्वाभाविक रूप से सामर्थ्यवान और संगठित नहीं बनेगा, तब तक बाहरी शक्तियाँ आक्रमण और अतिक्रमण करती रहेंगी।

इसी विचार से शाखा पद्धति के माध्यम से श्रेष्ठ चरित्र निर्माण, राष्ट्र सर्वोपरि की भावना तथा भारत माता के प्रति श्रद्धा जागृत करने का कार्य प्रारंभ हुआ।

कार्यक्रम में डॉ. प्रदीप दुबे, डॉ. रूपलेखा चौहान, बृजकांत जी, प्रेम शंकर जी सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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