जबलपुर। सेवा भारती महाकौशल प्रांत द्वारा स्वावलंबन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से “स्वावलंबन आयाम प्रशिक्षण वर्ग” का सफल आयोजन 25 अप्रैल 2026, शनिवार को एम.एम. पैरामेडिकल कॉलेज, राईट टाउन में किया गया। इस प्रशिक्षण वर्ग में महाकौशल प्रांत के 16 जिलों से आए 53 प्रतिभागियों (भगिनी एवं बंधुओं) ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
कार्यक्रम का आयोजन चार सत्रों में संपन्न हुआ, जिसमें स्वावलंबन के विभिन्न आयामों पर गहन मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
उद्घाटन सत्र में प्रेरक संदेश
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर माननीय प्रांत संघचालक डॉ. प्रदीप दुबे, मुख्य अतिथि श्रीमती मिताली बनर्जी एवं विशिष्ट अतिथि डॉ. स्वपना गुप्ता उपस्थित रहीं। साथ ही सेवा भारती महाकौशल प्रांत के अध्यक्ष, प्रांत सचिव, संयुक्त सचिव एवं संगठन मंत्री की गरिमामयी उपस्थिति रही।
उद्घाटन सत्र में डॉ. प्रदीप दुबे ने ‘स्वावलंबन से सेवा’ विषय पर मार्गदर्शन देते हुए समाज में आत्मनिर्भरता के महत्व को रेखांकित किया। वहीं श्रीमती मिताली बनर्जी ने ‘स्वावलंबन की आवश्यकता’ पर प्रकाश डालते हुए इसे सामाजिक सशक्तिकरण का आधार बताया।
स्वावलंबन की संकल्पना पर विचार-विमर्श
द्वितीय सत्र में क्षेत्र स्वावलंबन प्रमुख श्री विनोद मोहाने एवं प्रांत स्वावलंबन प्रमुख अधिवक्ता विनीता शर्मा के मार्गदर्शन में ‘स्वावलंबन की संकल्पना’ एवं उसके व्यावहारिक पक्षों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस सत्र में प्रतिभागियों को आत्मनिर्भर बनने के लिए आवश्यक सोच और दृष्टिकोण विकसित करने पर जोर दिया गया।
वैभव श्री योजना के तहत प्रशिक्षण
तृतीय सत्र में ‘वैभव श्री योजना’ के अंतर्गत लघु व्यवसायों की स्थापना एवं संचालन से संबंधित प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इसमें व्यवसाय प्रारंभ करने की प्रक्रिया, पूंजी प्रबंधन, बाजार की समझ तथा विपणन के व्यावहारिक पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी गई।
समापन सत्र में संकल्प का आह्वान
चतुर्थ एवं अंतिम सत्र का संचालन सेवा भारती महाकौशल प्रांत के संगठन मंत्री श्री आत्माराम दीक्षित के मार्गदर्शन में हुआ। उन्होंने प्रतिभागियों को समाज में स्वावलंबन के प्रसार हेतु सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।
प्रशिक्षण वर्ग की प्रमुख उपलब्धियाँ
- सभी प्रतिभागियों ने सक्रियता और उत्साह के साथ प्रशिक्षण में भाग लिया।
- ‘वैभव श्री योजना’ के माध्यम से लघु व्यवसाय प्रारंभ करने की व्यावहारिक जानकारी प्राप्त हुई।
- पूंजी प्रबंधन, विपणन एवं व्यवसाय संचालन के विभिन्न पहलुओं पर मार्गदर्शन मिला।
- प्रतिभागियों ने स्वावलंबन के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने का संकल्प लिया।
