राष्ट्र निर्माण की धुरी है युवा शक्ति: श्रवण कुमार जी

लखनादौन में जिला स्तरीय युवा सम्मेलन का भव्य आयोजन

लखनादौन। विश्व के सबसे बड़े स्वयंसेवी संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने अपने सेवा, संगठन और राष्ट्र निर्माण के सौ वर्ष पूर्ण कर लिए हैं। संघ इस ऐतिहासिक अवसर को पूरे देश में संघ शताब्दी वर्ष के रूप में मना रहा है। इसी क्रम में 13 जनवरी 2026, मंगलवार को लखनादौन में एक भव्य युवा विराट सम्मेलन का आयोजन किया गया इस सम्मेलन में हजारों की संख्या में युवाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। सम्मेलन का उद्देश्य युवाओं को राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका से अवगत कराना तथा उन्हें सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन के लिए प्रेरित करना है।

सम्मेलन के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ महाकौशल प्रांत के सह प्रांत प्रचारक श्रीमान श्रवण कुमार जी रहे। उन्होंने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि “युवा शक्ति ही राष्ट्र की वास्तविक पूंजी है। यदि युवा सही दिशा में संगठित और संस्कारित हो जाएं तो भारत को विश्वगुरु बनने से कोई शक्ति नहीं रोक सकती।”

श्री श्रवण कुमार जी ने अपने संबोधन में संघ द्वारा प्रतिपादित ‘पंच परिवर्तन’ की अवधारणा पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी, नागरिक कर्तव्य और परिवार प्रबोधन जैसे पंच परिवर्तन आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता हैं। यदि युवा इन मूल्यों को अपने जीवन में उतार लें तो समाज स्वतः ही सशक्त और आत्मनिर्भर बन जाएगा।

उन्होंने कहा कि भारत का भविष्य युवाओं के हाथों में है और आज का युवा केवल अपने व्यक्तिगत विकास तक सीमित न रहे, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति भी अपनी जिम्मेदारी को समझे। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे नशा, हिंसा और नकारात्मक प्रवृत्तियों से दूर रहकर अनुशासन, सेवा और राष्ट्रभक्ति को जीवन का लक्ष्य बनाएं।

सम्मेलन में ‘विश्वगुरु भारत’ के संकल्प को दोहराया गया। वक्ताओं ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक ज्ञान और सेवा भाव ही उसे विश्व का मार्गदर्शक बना सकता है। इसके लिए आवश्यक है कि युवा अपनी जड़ों से जुड़े रहें और आधुनिक ज्ञान के साथ भारतीय मूल्यों का समन्वय करें।

कार्यक्रम के दौरान युवाओं में गजब का उत्साह देखने को मिला। देशभक्ति के नारों, प्रेरक गीतों और अनुशासित व्यवस्था ने सम्मेलन को विशेष गरिमा प्रदान की। विभिन्न क्षेत्रों से आए युवाओं ने संगठनात्मक एकता और सामाजिक उत्तरदायित्व का संदेश ग्रहण किया।

स्वयंसेवक कार्यकर्ता एवं आयोजकों ने बताया कि ऐसे सम्मेलनों का उद्देश्य युवाओं को सकारात्मक दिशा देना, उनमें नेतृत्व क्षमता विकसित करना और समाज सेवा के लिए प्रेरित करना है। सम्मेलन के समापन पर सभी युवाओं ने राष्ट्रहित में कार्य करने तथा पंच परिवर्तन को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।

यह युवा सम्मेलन न केवल लखनादौन बल्कि पूरे जिले के लिए प्रेरणास्रोत सिद्ध हुआ, जहां युवाओं ने राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का दृढ़ निश्चय किया।

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