संस्कार, समरसता और स्वदेशी चिंतन ही विकास का आधार: लाल बहादुर सिंह

जबलपुर में धार्मिक श्रेणी की प्रमुख जनगोष्ठी संपन्न

जबलपुर। धार्मिक श्रेणी के अंतर्गत आयोजित प्रमुख जनगोष्ठी में प्रबुद्धजनों ने सनातन संस्कृति और भारतीय परंपरा के विविध आयामों पर सारगर्भित विचार प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में समाज के सांस्कृतिक मूल्यों, परंपराओं और समकालीन चुनौतियों पर गंभीर चर्चा हुई।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय मंत्री (अखिल भारतीय गौ सेवा) लाल बहादुर सिंह ने अपने उद्बोधन में समाज के समग्र विकास के लिए सांस्कृतिक मूल्यों की पुनर्स्थापना पर बल दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में आवश्यक है कि हम अपनी जड़ों से जुड़कर संस्कार, समरसता और स्वदेशी चिंतन को जीवन में आत्मसात करें।

प्रमुख जनगोष्ठी में सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, कुटुंब व्यवस्था एवं नागरिक कर्तव्यों जैसे विषयों पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। वक्ताओं ने इन विषयों को समाज के सुदृढ़ और संतुलित विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि पूज्य जगद्गुरु नरसिंह पीठाधीश्वर स्वामी डॉ. नरसिंह देवाचार्य जी महाराज उपस्थित रहे। मंच पर मुख्य वक्ता लाल बहादुर सिंह के साथ पूज्य महामंडलेश्वर स्वामी अखिलेश्वरानंद जी महाराज एवं पूज्य महंत स्वामी डॉ. मुकुंददास जी महाराज की गरिमामयी उपस्थिति रही।

कार्यक्रम में नगर पंडित महासभा के पदाधिकारी, आचार्य, भगवताचार्य, ज्योतिषाचार्य, मंदिरों के पुजारी, मंदिर समितियों के अध्यक्ष एवं सचिव, शहर के संत-महात्मा, विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे।

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