महाकौशल समाचार

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आध्यात्म और जीवन मूल्यों से ही भारत का उज्ज्वल भविष्य : विनोद कुमार

स्वबोध आधारित शिक्षा पर हुआ चिंतन – भारतीय शिक्षण मण्डल महाकौशल प्रांत का 57वां स्थापना…

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आयोग की जांच में खुलासा: महाकुंभ की ‘वायरल गर्ल’ नाबालिग पाई गई

मध्य प्रदेश की 'मोनालिसा' मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) की जांच के बाद…

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धर्मांतरण और सामाजिक न्याय: सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक निर्णय का नया विमर्श

23–24 मार्च 2026 को जस्टिस पी.के. मिश्रा व जस्टिस एन.वी. अंजारिया की दो-सदस्यीय पीठ ने…

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व्यक्तिगत / साक्षात्कार

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समरस समाज की सनातन अवधारणा

सनातन समाज की संरचना को समझने के लिए हमें वर्तमान के चश्मे से नहीं, बल्कि उसके अपने दार्शनिक आधार, ऐतिहासिक विकास, लोक परंपरा और सामाजिक […]

पहचान और राष्ट्रीय चेतना की वैचारिक यात्रा: ‘इंडिया से भारत – एक प्रवास’

भारत’ दुनिया की सबसे पुरानी सभ्यता, संस्कृति और चेतना का जीवंत प्रतीक है। इसकी भूमि पर हर संघर्ष, हर सपना और हर परंपरा हमें हमारी […]

अपना घुमंतू समाज : भारत की चलती-फिरती सांस्कृतिक विरासत

भारत केवल एक भौगोलिक इकाई नहीं, बल्कि विविधताओं का विराट संगम है। यहां भाषा, वेशभूषा, खान-पान, रहन-सहन, आस्था और परंपराओं का ऐसा अद्भुत समन्वय दिखाई […]

सार्वलौकिक विज्ञान और उभरती वैश्विक समस्याएँ : जे. नंदकुमार

भोपाल । बरकतउल्ला विश्वविद्यालय में “विज्ञान में राष्ट्रीय स्वत्व : भारतीय वैज्ञानिकों का संघर्ष” विषय पर एक व्याख्यान का आयोजन किया गया। प्रज्ञा प्रवाह के […]

महावीर का अहिंसा-दर्शन और आधुनिक विश्व की दिशा

भारतीय आध्यात्मिक चेतना के विराट आकाश में भगवान महावीर का व्यक्तित्व एक ऐसे प्रकाशपुंज की भाँति है, जिसकी किरणें सहस्राब्दियों के अंतराल को लांघते हुए […]

साहित्य अकादमी का एलजीबीटीक्यू लेखक सम्मेलन – हमारी संस्कृति पर आक्रमण

भारत की सर्वोच्च साहित्यिक संस्थाओं में से एक, साहित्य अकादमी द्वारा LGBTQ लेखक सम्मेलन का आयोजन एक गहरे वैचारिक विमर्श और टकराव का संकेत है। […]

धर्मांतरण और अनुसूचित जाति का दर्जा: कानून, समाज और न्याय का जटिल संवाद

भारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी विशेषता उसका संविधान है, एक ऐसा जीवंत दस्तावेज, जो समानता, स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों पर टिका है। लेकिन […]

श्री महावीर जयंती: जीवन जीने की कला और आज की आवश्यकता

भारत की आध्यात्मिक परंपरा में महावीर स्वामी का स्थान अत्यंत ऊँचा है। उनका जीवन केवल धर्म तक सीमित नहीं, बल्कि “जीवन जीने की कला” का […]